Tuesday, 20 June 2023

‘महोदय’ को पर्यटन के मानचित्र पर जगह की दरकार

 11 Aug 2013 05:35

कन्नौज। ‘महोदय’ को पर्यटन मानचित्र में जगह की ख्वाहिश है। जी हां रामायण काल का प्रसिद्ध महोदय अब कन्नौज नगर बन चुका है। किसी न किसी वजह से हमेशा महत्वपूर्ण रहा है इस समय भी मुख्यमंत्री की पत्नी का इलाका होने के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। हर्षवर्धन काल में भी चीनी यात्री हुएनसांग ने इस क्षेत्र की ऐश्वर्यगाथा की जिसका प्रमाण लिखित रूप में मिलता हैं। लेकिन इत्तिफाक कि उत्तर प्रदेश सरकार के पर्यटन विभाग के मानचित्र में अभी तक इस ऐतिहासिक नगरी का कोई उल्लेख नहीं है। कन्नौज में कितने पर्यटक आते हैं इसकी कोई जानकारी किसी भी सक्षम अधिकारियों के पास नही है।

पर्यटक आवास गृह के सूत्रों की माने तो आज तक कोई भी पर्यटक उनके होटल में आकर नहीं रुका। जबकि मंत्री, नेता, व्यापारियों के द्वारा आवास गृह जायज-नाजायज ढंग से खूब हो रहा है। क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय गैर जनपद में होने के कारण योजनाएं भी ढर्रे पर नहीं हैं। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी राजेंद्र कुमार ने बताया कि पर्यटकों की आवक बढ़ाने के लिए तो विभाग के पास कोई कार्ययोजना नहीं है, हां पर्यटन स्थलों के जीर्णोद्धार के लिए समय-समय पर जिला कार्ययोजना में प्रस्ताव रखे जाते है। कितने पर्यटक इन्हें देखने आए इसका लेखा-जोखा विभाग के पास है ही नहीं।
पीएसएम डिग्री कालेज के प्रोफेसर डा. एलसी शर्मा ने बताया कि कन्नौज में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। लेकिन सक्षम अधिकारियों के द्वारा काम न होने से साल दर साल अमूल्य धरोहरें नष्ट होती जा रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि कन्नौज से कलिंजर तक सरकार सड़क कारीडोर बनाकर पुरातन इतिहास को पुर्नजीवित कर मोटा लाभ कमा सकती है। इससे आने वाले पर्यटकों को एतिहासिक जिज्ञासा शांत होगी ।